यह हाथ से लिखी हुई किताब है । जब मैने देखी थी तो बहुत हैरानी हुई थी । ....
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आज उत्तराध्ययन सूत्र का नमि पव्व्जा अध्ययन का स्वाध्याय किया ।बहुत अच्छा है ।
सोचा नही था ,कि बालपन के उत्साह मे जिस धर्म स्थान पर यूं ही चले जाते रहे ,एक दिन उन गुरूओं से ,उनकी बातों से इतना गहरा जुड़ाव हो जाएगा ।
गुरूओं की कृपा से सबके मन मे उत्साह और प्रसन्नता बढ़े ।
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