सोमवार, 30 अक्टूबर 2023
रविवार, 29 अक्टूबर 2023
सोमवार, 23 अक्टूबर 2023
शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2023
आचारांग (दिसम्बर 2020) पढने के बाद पृथ्वी , जल आदि के प्रति सचेत भाव बढ़ा है । पहले नही था ।
कहने का अर्थ यह है पहले विचार के तौर पर तो था मगर हमे आचरण मे ढ़ालना है , बल्कि आचार को इस तरह चुनाव करना है कि यह विचार सामने रहे , यह सचेतनता बिल्कुल नही थी ।
शुरुआत मे तो मन की आकांक्षाए ऊंची थी । ब्रांड बनाएंगे टाइप
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अब मन के वे अंहकार मन्द पड़ गए हैं । अच्छी बात है । यही गुरु कृपा की बात है । 😊
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मंगलवार, 17 अक्टूबर 2023
जब एक पूर्ण विश्वसनीय मार्ग पर धीरे धीरे चलकर , अपने हर भय का सामना करते हुए हम इस ज्ञान तक पहुँचे हैं कि पृथ्वी, जल आदि मे जीवन है ,
तब मनुष्य के रूप मे हमारी महत्वाकांक्षाओं की सारहीनता बड़ी प्रत्यक्ष हो जाती है ।
मन की गति ऑटोमेटिकली स्लो हो जाती है ।
खुद को प्रूव करने का अंहकार भी मंदा पड़ जाता है । (और कितना प्रूव करें । कितने सफल होवें ! )
मुझे तो गुरुदेवों ने और महावीर वाणी ने बचा लिया !
(अरे !असली कार्य तो इनकी रक्षा का है । वह तो अपनी सीमा मे हम कर ही रहे हैं , जैसा हमारा आज का जीवन है ।फिर क्या घबराना !
एक कार्य विमर्श का है । वह भी जैसे तैसे चल ही रहा है ।)
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बाकी हम रूक नही गए हैं । हम चल रहे हैं । अपना काम , अपनी स्पीड मे कर रहे हैं ।
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देखते है आगे क्या दिशा रहती है ।
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सोमवार, 16 अक्टूबर 2023
रविवार, 15 अक्टूबर 2023
शनिवार, 14 अक्टूबर 2023
गुरुवार, 12 अक्टूबर 2023
बुधवार, 11 अक्टूबर 2023
Today I read D'Souza poems on avinash mishra fb post. And almost unconsciously I imagined those poems being recited in actor Lillet dubey'voice.
May be her texture of voice can do justice to the serious, loneliness of these poems .
... and may be her sparkling face can reflect the free,carefree spirit of the actor/poet simultaneously.
😊
मंगलवार, 10 अक्टूबर 2023
रविवार, 8 अक्टूबर 2023
शुक्रवार, 6 अक्टूबर 2023
मुझे लगता है , मै हमेशा से एक खुशमिजाज, मनमस्त बच्ची रही हूं ।मुझे सिर्फ एक ही टेन्शन रही है कि जिन लोगों ने मुझ पर भरोसा किया है ,वे निराश न हो ।
शायद यही कारण है कि बाद मे मै संत -धारा से जुड़ी।क्योंकि यह भी तो एक प्रसन्नता की बृहत्तर धारा है । वैराग्य को लोग नेगेटिव सेन्स मे समझते है ।
कुछ दुख होगा , जो उधर गए।
कुछ अभाव होगा ।इत्यादि
बहुत हद तक तो इन बातों मे सच्चाई भी है । आखिर बहुजन-समर्थित राग रंग रंजित संसार मार्ग को छोड़कर कोई यूं ही तो नही आ जाएगा ,एक रूखे -सूखे मार्ग पर ।क्या लड्डू -पेड़े बँट रहे है यहाँ ।
मै कहती भी थी यह बात कि इस मार्ग पर आने के लिए संसार का विकर्षन नही , मार्ग का आकर्षण होना चाहिए।
और देखिए! जिन खोजा , तिन पाइयां । मुझे गुरूदेव मिल गए।
-कल सुशोभित की पोस्ट पढ़कर
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सोमवार, 2 अक्टूबर 2023
गांधी जी की जीवनी पहली कोर्स से इतर किताब थी जो मैने खरीद कर पढ़ी थी ।इंग्लिश में ।1997 में ।पढ़कर लगा 'वाह ! कैसी अद्भुत किताब है ।इसमे कैसी कैसी बातें कैसे ढंग से कही गई हैं । बहुत संतोष हुआ था मुझे । (पूर्व पोस्ट का अंश)
अब आगे -
यह किताब मैने गुरुदेव रामप्रसाद जी म की प्रेरणा से खरीदी और पढी थी । मात्र 20रु की ।
अरे! इतनी बढ़या किताब है ।वो भी इतनी कम कीमत मे ।
उस समय मुझे पता नही था कि यह कम मूल्य मे उपलब्ध कराई गई है ।😊
रविवार, 1 अक्टूबर 2023
कल हम तिजारा जी गए थे ।बहुत दिनो के बाद सब लोग गए थे ।
आते हुए यह चौक दिखा था । वहां तो खींची नही । यह फोटो इन्टरनेट से निकाली है ।
जहां एक शेर की शक्ति और गाय की करूणा मिल जाती है , वहां महावीर की अहिंसा का सर्कल पूरा हो जाता है / प्रकट हो जाती है ।
यह प्रतीक मैने अनन्तचतुर्दशी के अवसर पर निकाले जाने वाली शोभा यात्रा मे भी देखा है ।
परम्पराएं किस तरह सत्यों को सहेजती हैं , यह देखना भी एक आश्चर्य है ।
मेरा पहले से मन था कि मै यह बात शेयर करूं ।पर मेरे पास फोटो नही थी। कल मैने यह मूर्ति देखी तो सुखद आश्चर्य हुआ।
