कई बार मन अकारण ही बहुत खुशी महसूस करता है ।.... वैसे मेरे साथ तो यह होता रहता है । मैं तो मौसम के बदलाव देखकर भी खुश हो जाती हूं ।
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अभी गोहाना मे एक पुरानी परिचित से 22 साल बाद मिलना हुआ। उन्हें भी स्वाध्याय की रुचि है । वो भी अक्टूबर मे हो रही गोष्ठी मे भाग ले रही हैं । उनका नाम है लीना जैन ।
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