कुछ लोगों के मन का लेवल मैच हो जाता है ।राजामौली (उनकी फिल्म के गाने ने ऑस्कर जीता है 😊) की इसी फिल्म मे रामचरण और जूनियर एन टी राव मे ऐसा ही लेवल देखने को मिलता है । वे दोनो कभी मिले नही पर एक बच्चे को बचाने मे उनका तालमेल ऐसा है कि जैसे कब से एक दूसरे को जानते रहे हों ।
इसी मे आगे रामचरण पुलिस ऑफिसर के रूप मे भीड़ मे से प्रशासन के अपराधी को निकाल कर लाता है ।
यह सीन कितना प्रभावशाली है । इसकी सिनेमैटिक प्रेजेंस ।
कहानी का लेखक क्या ही लिख देगा। " वह चीते की तेजी से घुसा और देखते ही देखते फलां को निकाल लाया । भीड़ मे खड़े लोग बुत बने देखते रह गए "।
यह सीन देखते हुए मै यही सोच रही थी ।पहले देखी थी ।अब तो मै ना के बराबर फिल्मे देखती हूं ।
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