मेरा प्रेजेंट स्टेटस ये चल रहा है कि जिन्हे भरोसा है उन्हे लेकर शुरू कर लेंगे , बाकी नेक्स्ट मे ज्वाइन कर लें । जैसे भी उनकी समझ बने ।
वैसे यह बात वाकई मे आश्चर्यजनक है कि इतने सालो मे किसी ने एक पोस्ट लाइक तक नही की ।may be I do not belong to your world.
ऐसी गहरे आश्चर्यों को सिर्फ कर्म सिद्धांत से समझा जा सकता है ।
खैर
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अगर ये नही भी होगा तो भी मेरे मन मे किसी के प्रति कोई गिला नही है ।
जब मै यहाँ आई थी तो आधी भगतनी तो पहले ही थी । आप से जुड़ कर मेरी भी भाव शुद्धि हुई है । मुझे महावीर वाणी पर और अधिक गहरा विश्वास हो गया है ।
एक ऐसे जमाने मे जब मनुष्य ही मनुष्य को खाने पे तुला है वहाँ पर छ जीवनिकाय की अहिंसा की बात कहना मजाक नही तो क्या है । पर मै बताऊं आपको! यह कतई भी मजाक नही है ।यह एक ज्ञान है ,जहाँ तक हम गुरु कृपा से पहुँचते हैं ।
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