मंगलवार, 8 अगस्त 2023

एक स्वाध्यायी के रूप मे शास्त्रों का अध्ययन करना ,अहिंसादि 12 श्रावक व्रतो का यथाशक्ति पालन करना ; इस प्रकार यह मेरा जीवन तो चल ही रहा है ।

मै अपनी समझ के अनुसार लिखती भी रहती हूं ।

शास्त्रों मे जो विषय हैं उन्हे पढते हुए ये रिअलाईज होता है कि यह ज्ञान  न जानना कितनी बड़ी अज्ञानता है । 

हर कोई इसे जाने यह संभव है , उसकी स्वयं की रेफरेंस भाषा मे यह संभव है ।बस सुनने का माहौल हो अगर तो ।

खैर

यह बात है जो मुझे लगातार, सतत प्रेरित करती है ।

...

But nowadays I feel-

Not to write here or anywhere.



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