कहानी लिखने का यह ढंग चल रहा है आजकल । शुरूआत से अंत तक एक स्ट्रेच मे कहानी पता चल गई है । मन मे यकीन भी है कि ठीक है । बट लिखने मे फ्लो नही बैठ रहा । कभी एक टुकड़ा लिखती हूं तो कभी दूसरा। ज्यादातर तो बोर हो जाती हूं लिखने मे ।😊
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