मनुष्य के साहस से बड़ा कुछ भी नही ।#चन्द्रयान -3
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सभी के लिए मन की समाधि महत्वपूर्ण है ।
शायद अब इस बात की गहराई समझ आती है कि यह क्यों कहा गया है कि पानी और साधु तो बहते भले । मन की निर्मलता के लिए यह जरूरी व्यवस्था है । उतनी ही जरूरी उनके उपासकों के लिए भी ।
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