यह वीडियो कोरोना समय का है ।
कोरोना का समय भी अजीब मनःस्थिति का था । एक तो यह अनजान वायरस था । दूसरे दुनियाभर से आ रही खबरों की वजह से सामूहिक डर, संशय का माहौल था ।इसने हमारी इन्डियन की पहचान को सक्रिय कर दिया था ।
बहुदा , इन्डियन की पहचान फॉरेन में ही याद /इस्तेमाल आती है ।इन्डिया मे रहते हुए तो कम ही याद रहता है कि हम इन्डियन हैं ।खैर
आज इस वीडियो को यहाँ शेयर किया , इससे जुड़ी एक टेक्निकल बात की चर्चा के लिए। यह विडिओ ऑरिजनल मे ज्यादा एमबी का बना था , वहाट्सअप में चल नही रहा था । बट इसके प्रोग्राम मे यह सुविधा थी कि सेम फाइल के चार- हेवी टू लाइट - वर्जन बना सकते थे ।
हमने बाकी घरवालों को दिखाने के लिए लाइट वर्जन फाइल वहाट्सअप पर भेजी और ऑरिजनल वर्जन फेसबुक पर पोस्ट किया था ।
बहुत विस्मय की बात लगी थी उस समय , कि किसी ने प्रॉब्लम को पहले ही सोचकर साॅल्व किया हुआ था ।😊
विडिओ बनाने का आइडिया छोटी बहन का था ।
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