एक बात इस तरह कही जाती है -come under my skin then feel the pain .
हकीकत यह है कि कोई किसी की जगह आ ही नही सकता ।
फिर क्यों कहा गया है यह । क्यों शब्दों को व्यर्थ जाया किया ।
इसलिए कि यह तो संभव नही है कि कोई किसी की जगह आ सकता है बट यह समझना तो संभव है कि कोई किसी की जगह आ नही सकता ।
समझ की दुनिया में होने के ये ही लाभ हैं ।
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Lop राहुल गांधी जी की स्पीच मुझे तो अच्छी लगी । इनका नेचुरल स्टाइल एग्रेशन का है ।
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