सुनील होर तीन भाई हैं । इनकी बहन नहीं है । ताऊ -चाचा की लड़कियां ही बहन हैं । इनकी बहन के बेटे की शादी थी ,इसलिए शोक जल्दी खोलना पड़ा । एटसेटरा एटसेटरा
जिसे हम आम लोगों का जीवन कहते हैं , वह ऐसा ही घिसटेला जीवन होता है । इसमें सब कुछ होता है -भावना ,कामना,मेहनत,तप......पर सब कुछ अंततः एक विराट व्यर्थ हीनता की ओर बढ़ता/समाप्त होता हुआ।
गुरुओं की दी हुई दृष्टि ही है , जो इस विराट व्यर्थ हीनता में कुछ सार देखने की समझ दे जाती है ।
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