आजकल तो जनतंत्र है । नेताओं को वोट लेने के लिए लोगों के पास जाना पड़ता है ,तो चाहे ना चाहे एक अनकही ,अदृश्य ऑब्लिगेशन हो ही जाती है ,
पर लोक का दवाब राजतंत्र में भी रहा है , राजा के कर्तव्यों के रूप मे ,जिसकी रक्षा ज्ञान-विचार के संरक्षकों ने की है ।
मेरा मन कहता है कि राहुल गांधी जी राजा युग में भी इस लोक धारा के समर्थक राजा होते ।
#राहुल गांधी जी के विडिओ
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हमारे यहां 11 लोगों ने उत्तराध्ययन के अध्ययन याद करके सुनाए 😊।
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