😊
प्रेम को अनिर्वचनीय कहा गया है , ज्ञान तर्क की वस्तु ।
प्रेम के मार्ग पर चलते चलते यह प्रकट होता है कि ज्ञान भी अनिर्वचनीय है ।
प्रेम भी ज्ञान ही है ।
...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें