1 अभी मुझे बहुत सी बाते सीखनी है ।इस कहानी मे मैने आलोक धन्वा की कविता की पंक्तियाँ ली है ।पूर्व अनुमति नही ली ।लेकिन अभी कही कमर्शियल भी छपने के लिए नही दी । पता नही क्या नियम है ।
2 वैसे तो हमारे बीच मे diversity ही रहती है । unity तो बाहरी प्रभाव के टाइम पे दिखती है ।वो भी थोड़ी-बहुत । ये भी अच्छी बात है । हमे ये क्लीयर नही कि हम किन बातों मे एक है ।ये तो क्लीयर है हम किन बातों के न होने मे एक है ।😂
#unity in diversity3 👍रवीश जी
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