शुक्रवार, 23 दिसंबर 2022

सबकी अपनी अपनी दृष्टि होती है ।

हमारे नेता राहुल गांधी जी के लिए :

हैंडसम

स्मार्ट

बुद्धिमान

दुर्धर्ष

निडर
साहसी
कृतज्ञ*  
हँसमुख 
खुश तबीयत
सत्य विनम्र
स्वयं सूर्य **
मेहनती
पराक्रमी
बच्चों मे बच्चे 
जवानों मे जवान
तुम पूर्णायु होना
तुम दीर्घायु होना ।

*इस गुण को समझना आज के बुद्धिजीवियों के लिए मुश्किल है ।उनका भी कसूर नही है । जब जमाना ऐसा हो कि एक गैरतमंद इन्सान यह कहे कि मेरे ऊपर ये अहसान करना कि मुझ पर कोई अहसान न करना ।तब इस गुण को समझना लगभग नामुमकिन है ।इस गुण को वही समझ सकता है जिसने स्वयं अपने ऊपर अहेतुकी कृपा अनुभव की हो ।
दुनिया को ये सब बातें मूर्खता ही नजर आती है ।
मै भी मुर्ख हूं ।
अब इस बात मे कौन सी समझदारी है कि लेखकों की दुनिया मे महावीर स्वामी जी का झंडा उठाकर चले आए।
 अगली मूर्खता - एक बन्दी को चुना जो दिल्ली छोड़ो,भारत मे ही नही रहती । .....so on .
.......

कोई तुम्हारे ऊपर से पहाड जैसा बोझ हटाकर फूल के जैसा हल्का बना दे तो वह खुशी मै जानती हूं । फिर मै क्यो नाम न लूं अपने गुरुओं का ।अपने महावीर स्वामी जी का ।

**अपनी उर्जा से चालित होते है ।औरों को भी चलाते हैं ।

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