सुशोभित ने उपनिषद सीरीज शुरू की है । देखते है क्या पढने को मिलेगा ।
....
मैने वरिष्ठ आलोचक सुधीश पचौरी जी के उपन्यास की समीक्षा लिखनी शुरू की थी । सब रेडी है । नोट्स भी बना लिए। बट लिखने का मन ही नही करता ।😊
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें