शुक्रवार, 12 जनवरी 2024

 देश भर मे कितनी तरह की विचारधाराएं गतिशील रहती हैं । ऐसा लगता है कि कोई विशाल,  महाकाय पाॅटब्आइलर हो । .....हमारा कर्तव्य तो अपने आप का प्रक्षालन करना है ।

राजनीतिक परिदृश्य मे तो चुनावी जीत को अपनी विचारधारा की जीत कह देते है । मजे की बात है हार के बाद ये नही कहते ' हमारी विचारधारा की हार हुई है ।😉

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