सम्यक दर्शन =2 शब्द
समकित = 1 शब्द , दोनों सेम हैं ।
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दुनिया में जैन धर्म की मुख्य पहचान तपस्या की है । जैनी तपस्या बहुत करते हैं , या प्याज-आलू के नही खाने की या दिन से खाने की ।
सही है ,ये सब बातें जैन धर्म का अंग हैं ।
पर मैं बताऊं आपको , जैन दर्शन का मर्म समकित है । यह सबसे कीमती चीज है ।
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संसार की सभी वस्तुओं में रत्नों को बहुत कीमती माना गया है । जैन दर्शन में रत्नों से भी ज्यादा कीमती हैं समकित ,
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समकित है तो ज्ञान और चारित्र भी रत्न के समान कीमती हैं , ये तीनों त्रिरत्न हैं ।
#महावीर वाणी
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