मेरे साथ तो बहुत बार ऐसा हुआ है कि कोई बात थी गंभीर टाइप ,उसका महत्व है आज के लिए भी ,मतलब वह एक सर्वकालिक महत्व की ,ध्यान में रखे जाने योग्य बात थी /है ,
बट उसे कहने की फील ही गायब है ,मन के ऊपर से भी और मौसम के ऊपर से भी, मतलब त्यौहार का समय है ,सब इतने फेस्टिव मूड में है ,
तब ज्यादा गम्भीर बातों का क्या जिक्र करना ।😊
#धत तेरे की
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आप सभी को महावीर निर्वाण दिवस और दीपावली की शुभकामनाएं
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