कल हम गोहाना गए थे । गुरूदेव श्री सुशील मुनि जी म ने पन्नवणा सूत्र पढ़ने की कृपा फरमाई है ।
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अब की बार गुरूदेव जयमुनि जी का चातुर्मास भी गोहाना मे ही है । कुछ चक्कर ज्यादा लग जाएंगे।
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