गुरुवार, 9 मई 2024

   


सदा हँसता हुआ चेहरा ।
उनकी हँसी ऐसी थी 'उन्मुक्त ठहाके ' कि पल भर में सारे दुख ,चिन्ता , शोक,कठिनाई को हर लेती थी । 
गुरूदेव श्री रामप्रसाद जी महाराज जी की जय हो  ।आज उनकी जयंती है ।

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