गरीब का बच्चा अभावों मे जीए यह भी हृदयविदारक है पर अमीर का बच्चा अ'भावों' (विपन्नता और उच्च विचार का अभाव -दोनो ही अर्थ मे ) मे जीए ,यह बदनसीबी है , अपनी विराट समृद्ध चिन्तन परम्परा की आशातना है ।
...
सब को अपनी बात कहनी चाहिए। वे क्या समझते है । यह क्या हो रहा है ।इसका क्या महत्व है । क्या ये जरूरी है । क्या ये एक जेनरेशन तक चलेगा । यह किस तरह खत्म होगा । सब कुछ।
...
आज के समय मे सबसे बड़ी क्रान्ति यही दिखती है कि सबको हमारे जैसी शान्ति और विश्रान्ति मिल जाए ।
...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें