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नाॅर्मली मै स्त्रियों की प्रशंसक नही हूं । पुरूषों का प्रभाव जीतने मे स्त्रियां आपस मे सतत संघर्षशील, ईर्ष्यालू और शक्तिशाली होती है ।
'काम' -क्षेत्र के भीतर पुरुष भी ऐसे ही होते है ।
यह बात समझते हुए भी मैने टीम मे दो स्त्रियों को चुना था कि घर से बाहर एक स्त्री अन्य स्त्रियों के साथ ही सुरक्षित है ।😊
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मोबाइल क्रान्ति के जमाने मे भी कम्यूनिकेशन की प्रॉब्लम होनी
असलियत मे संभव है ।
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