बुधवार, 10 मई 2023

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पहलवानों के आन्दोलन पर एक पुलिस वाले की कविता । मै इनकी मौसी सास हूं । मेरी बुआ की बेटी के जंवाई। 😊

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सब आश्चर्यचकित होते होंगे ,मेरे रूखे सूखे पन को देखकर। सच तो यह है कि मै और भी अधिक रूखी सूखी होना चाहती हूं ।जीवन का शुभ सुख यही है ।

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