https://www.facebook.com/100004042357156/posts/pfbid0HfYnYHr1qtgi1kiwCgXDgws1V4MvnuNa3V7XE5hxP7u8MFGrTCYP9hk3P6wxf5Aml/?mibextid=DcJ9fc
पहलवानों के आन्दोलन पर एक पुलिस वाले की कविता । मै इनकी मौसी सास हूं । मेरी बुआ की बेटी के जंवाई। 😊
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सब आश्चर्यचकित होते होंगे ,मेरे रूखे सूखे पन को देखकर। सच तो यह है कि मै और भी अधिक रूखी सूखी होना चाहती हूं ।जीवन का शुभ सुख यही है ।
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