पर्युषण पर्व मे अन्तगढ सूत्र की वाचना होती है । तप और जप का विशेष जोर रहता है ।जिससे जितना बने । सुखे समाधे ।
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मेरी भावना है 7 एकाशने+पौषध की । सुखे समाधे ।
एकाशना -पूरे दिन मे एक बार खाना ।पौषध -व्रत है जैन चर्या अनुसार।
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