संवत्सरी सानन्द सम्पन्न हुई। 😊
महानगर की जिन्दगी जीते हुए स्थानक के शान्त वातावरण ने मुझे कैसे खींचा , संभव हुआ तो कभी लिखूंगी। अभी तो ....
कल वहाँ मच्छर नही थे । परम आश्चर्य की बात ।
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