आज यह लिखा है -
आज का दिन इतना चमकीला है कि अगर बाहर से अंदर आओ तो एकदम अंधेरा छा जाता है।
पेड़ों के पत्ते 5 शेड में दिखते हैं । गहरा हरा ,हल्का हरा....से होता हुआ धूसर ,पीला ।
यह शेड मुझे मैचिंग सेंटर में करीने से लगे हुए कपड़ों की याद दिलाते हैं । रंगों के ऐसे शेड्स ,बढते क्रम में , घटते क्रम में वहीं देखे हैं ।
सड़क पर एक फैमिली गुब्बारे बेचते हुए जा रही है। आदमी है ।उसकी हट्टी कट्टी औरत है। दो बच्चे है । पांच -छह गुब्बारे हैं ,फुलाए हुए ।गुब्बारे नए स्टाइल के है । अगर 25 का होगा तो शाम तक डेढ़ सौ रुपए बन जाएंगे । बिना फुलाए गुब्बारे थैली में होंगे।
औरतें स्कूटी पे इधर से उधर जा रही है । अब रोड पे आदमियों के साथ औरतें भी बहुत दिखती हैं ।
#आज का हाल
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