I think I had misunderstanding yesterday . Anyway .
ये अच्छी बात है कि हमारी स्पीड इतनी स्लो है कि सबको निश्चिंतता रहती है ।
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मैने अपने जीवन मे उन लोगो को फाॅलो किया है जो दूसरों से नही , खुद से ये सवाल पूछते थे कि मै उन लोगों के लिए क्या कर सकता हूं जिन्होने मुझे प्रेम किया है ।
इतनी सद्बुद्धि होना भी गुरुकृपा की देन है ।
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अब तो , कोई बात को यहां तक ले आए है कि अपने fb handleपर शाहरुख की फिल्म की तारीफ मे कुछ लिखो तो लगता है खुद शाहरुख पढ रहे है , पढ़कर हँस रहे है ।
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आर्थिक दर्शन है -मर्यादित परिग्रह।
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यह पुरानी पोस्ट है। अब भी सितम्बर ही चल रहा है । खैर ...
इस आधार पर माॅडल बना लेंगे।
17 sep2022
विचार को अमल मे लाने के तीन तरीके संभव है ।ये माॅडल मैने धर्म के क्षेत्र मे भी देखे है ।
एक - कि अपने सत के दम पर चलते रहो । कद्रदान फाइनेंस करे ।
दो-चंदा से फाइनेंस जुटाओ।
या आत्मनिर्भर रहते हुए काम करो ।
आलोचना तीनो की होती है ।पहले मे कानाफूसी ,अंदर ही अंदर क्या चल रहा का अविश्वास। दूसरे की तो कोई इज्जत ही नही ।तीसरे को धंधेबाज कह देते है ।
बाकि व्यक्तिगत प्रयास है ।
पर्सनली मुझे तीसरा पसंद है।hv filled du forms.
😊बाकी भी कहो ।
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