1 आजकल सूर्य देव अंतरिक्ष मे दूर घूम रहे है । वातावरण मे रोशनी कम है ।🙂
21st दिसंबर के बाद उत्तरायण मे आएगे। फिर सक्रांति के बाद मौसम खुलना शुरू होगा ।
2 you know, many times I feel emotionally choked or something like that .
Sitting in balcony chair silently and watching people coming-going is so relieving. It has always worked for me .
.
Sometimes it happens like this that you want to say bt instead choose not to say .
Yesterday I write a big note .bt now I am not writing it .
It seems as if to say is to abuse .words becomes abuse .
.
जब कभी भी मै जरा भी उदास होऊं तो मेरा ध्यान ओटोमेटिकली गुरुओं की ओर चला जाता है ।गुरूदेव सुन्दर मुनि जी तो उर्जा के पुंज हैं ।
यह 1996 चातुर्मास की बाते हैं ।
एक बार गुरुजी आहार के लिए आए थे ।जैन संत घरों से थोड़ा-बहुत आहार मांग कर ,लाकर खाते हैं ।
उस दिन अनन्नास खाया होगा ।उसके छिलके एक तरफ पड़े थे ।गुरु जी ने देखा ।जानबूझकर पूछा -ये क्या है ?
जी अनन्नास है ।
इसका तो कती नास कर दिया ।😊
ऐसे ही एक बार जब गुरुजी आए तो मै झाडू लगा रही थी ।उन्होने देख लिया था ।जानबूझकर पूछा -क्या कर रही थी
झाडू मार रही थी (हरियाणा मे ऐसे कह देते है )
किसे
अईं🙂
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें