आज धूप खिली- खिली है ।
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आज से सूर्य का रास्ता परिवर्तन। मै हर साल यह बात लिखती हूं । मेरे लिए यह बात इतनी महत्वपूर्ण क्यों है , कभी लिखूंगी।
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इतने लिटफेस्ट होते है ,क्या ये सब उत्साही जनों का उद्योग है । इसकी इकनॉमिक्स क्या है ।
लास्ट मै नेहरू भवन मे हुए एक टाॅक मे गई थी ।फूड पर था । सौम्या का ।ठीक था । बट मुझे ज्यादा मजा नही आया ।
Why?can't say?
वैसे मुझे खुद पर जबरदस्त शक है कि क्या दुनिया मे कोई जगह ऐसी होगी जहां मुझे अच्छा लगेगा ?
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शायद एक जगह है । गुरूदेवों के दर्शन। 1 तारीख को सेठ जी म का 96वां जन्मदिवस है । गोहाना मे । नया साल भी है ।
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