बुधवार, 21 अगस्त 2024

हमारे यहाँ गुरुदेवों के सानिध्य मे उत्तराध्ययन के अध्ययन याद कराने का प्रोग्राम चल रहा है । मुझे 25वां अध्ययन मिला है । इसमें 45 गाथाएं हैं ।

गुरुदेव रामप्रसाद जी म फरमाते थे -संस्कृत में श्लोक और प्राकृत में गाथा ।गाथा प्राकृत का अपना छन्द है ।

मुझे  छन्द अनुशासन का ज्ञान नही है । जैन आगमों का अध्ययन छन्द की दृष्टि से भी हो सकता है ।

अभी तो याद करनी शुरू की हैं । सारी कच्ची हैं । ऐसा लगता है वापिस बच्ची हो गई हूं । 

याद करना ।सुनाना ।😊

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That's how I hv always been like .

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कम से कम शब्दों में अपनी बात कहना ,  प्राकृत में यह गुण कमाल का है । 

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