शास्त्र पढ़ते हुए एक बात जो मैने बार-बार,हर बार,बारम्बार महसूस की है , वह यह है कि अज्ञानी होना कितना स्वाभाविक है ।ज्ञान होना कितना दुर्लभ है ।
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