जब तक हमें खुद को सम्भालने के लिए सुदृढ़ सद्बुद्धि का आधार नही मिल जाता ,तब तक हमारे लिए उन असंख्य लेखकों की वाणी ही टिमटिमाते दीये के रूप मे सहारा देती है ,जिनके शब्द , संघर्ष,जीवनशैली हमें हमारे जैसा होने का आश्वासन देती है । इस रुप मे मै लेखकों के या साहित्य के अवदान का महत्व कम नही आंकती ।
एक समय था जब इस तरह की पंक्तियां मन को बहुत सहारा देती थी ।
मैने इस पोयम को उलट रुप मे समझा था अर्थात जब हृदय का विश्वास उभरता है तो संशयाकुल मस्तिष्क की टिमटिमाना खत्म हो जाता है ।इत्यादि
The night has a thousand eyes,
And the day but one;
Yet the light of the bright world dies
With the dying sun.
The mind has a thousand eyes,
And the heart but one:
Yet the light of a whole life dies
When love is done.
Francis William Bourdillon
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें